मेरे देश के लिए ये जीवन जो काम आये
प्रो सी बी श्रीवास्तव
सी ६ विद्युत मण्डल कालोनी
रामपुर जबलपुर
मेरे देश के लिए ये जीवन जो काम आये
तो हों प्राण तन प्रफुल्लित मन आत्म शांति पाये ।।
हूॅं मैं आज जो इसी की मिटटी ने है बनाया
रग रग में खून इसके पानी से ही है पाया ।
इसकी हवा ने अनुपम संस्कार हैं जगाये।।1।।
नित घूमता जहन में इतिहास इसका सारा
मिलती है जिससे मन को नित नई विचार धारा
मिले भाव सारे गंगा के जल में जो नहाये।।2।।
वेद और उपनिषद ने हमें सोचना सिखाया
भौतिक जगत से भारी आध्यात्मिक बताया।
उनके ही रंग में रंग हम है जग में जगमगाये।।3।।
आदर्श जिसके उॅंचे उद्दात भावनायें ।
हैं साहिष्णुता लिए सब जिसकी कि कामनायें
परमार्थ हित जहाॅ नित गये स्वार्थ सब दबाये।।4।।
जिसे मानता है मन से निष्पक्ष विश्वसारा
भारत है वह हमारा जग का चमकता तारा।
जहाॅ सत्य शान्ति करुणा के पाठ गये पढाये।।5।।
कभी राम यहाॅ आये कभी कृष्ण यहाॅ आये
महावीर बुध्द गाॅधी ने जो रास्ते दिखाये।
जिनके अधेरे में भी कभी पग न डगमगाये।।6।।

लोड हो रहा है...