Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

मई 2008


ब्लॉग्स (8)
जनमन न रहा वैसा , न वैसा है आचरण बदला सभी वातावरण , सारा रहन सहन । भारत तुम्हारे युग का न भारत है अब कहीं हर ओर प्रदूषण की लहर आई कन्हैया आगे पढ़ें...

सदा ध्यान से शुध्दता मन ने पाई यही शुध्दता ही है सच्ची कमाई । सदा ज्योति बन आये भगवान आगे कि निष्पाप मन से गये जब बुलाये आगे पढ़ें...

राम जाने कि क्यों राम आते नहीं ! प्रो सी॑ बी श्रीवास्तव विदग्ध c-6 , M.P.S.E.B. Colony Rampur , Jabalpur (M.P.) 482008 मोबा ०९४२५४८४४५२ visit http//pitashrikirach... आगे पढ़ें...